"सर्पदंश के बाद तंत्र-मंत्र के फेर में गई जान; डॉक्टरों की घोषणा के बाद भी शव पर ओझा बुलाते रहे परिजन"
छतरपुर। जिले के ओरछा रोड थाना अंतर्गत रामपुर गांव में सांप के काटने से एक विवाहिता की असमय मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद समाज में फैले अंधविश्वास और दो परिवारों के बीच उपजे उपद्रव का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा महिला को मृत घोषित किए जाने के बाद भी अंधविश्वास में डूबे परिजन उसे जिंदा कराने की आस में दर-दर भटकते रहे। बाद में शव को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे मायके और ससुराल पक्ष के लोग आपस में भिड़ गए, जिससे अस्पताल परिसर छावनी में तब्दील हो गया।
नींद में डसा जहरीले सांप ने
प्राप्त विवरण के अनुसार, रामपुर गांव की रहने वाली 25 वर्षीय हर्षिनी शिवहरे, पत्नी गोकुल प्रसाद शिवहरे, शनिवार की रात अपने घर में गहरी नींद में सो रही थीं। इसी दौरान किसी अत्यंत जहरीले सर्प ने उन्हें डस लिया। रविवार सुबह जब हर्षिनी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, तो उन्होंने आपबीती अपने परिवार को बताई। ससुराल वाले उन्हें आनन-फानन में छतरपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने शुरुआती इलाज के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए तुरंत झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
मौत के बाद भी तांत्रिकों के चक्कर काटते रहे परिजन
झांसी के अस्पताल में डॉक्टरों ने गहन परीक्षण के बाद हर्षिनी को मृत घोषित कर दिया। इस कड़वी सच्चाई को स्वीकार करने के बजाय ससुराल पक्ष के लोग अंधविश्वास के जाल में फंस गए। वे मृतका के शव को एम्बुलेंस में लादकर उत्तर प्रदेश के राठ और पनवाड़ी इलाकों में ले गए, जहां कई तांत्रिकों से झाड़-फूंक कराई गई। वहां से भी जब कोई चमत्कार नहीं हुआ, तो वे शव को टीकमगढ़ ले गए और वहां भी तंत्र-मंत्र के जरिए शव में जान फूंकने का निरर्थक प्रयास किया जाता रहा।
अस्पताल परिसर में मायके और ससुराल पक्ष में जमकर हुआ बवाल
झाड़-फूंक से थक-हारकर परिजन सोमवार को दोबारा शव के साथ छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां ड्यूटी डॉक्टरों ने एक बार फिर जांच कर महिला के मरने की पुष्टि की। इसी बीच, मृतका के मायके वाले भी अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए। मायके पक्ष का गुस्सा इस बात पर फूटा कि उन्हें हर्षिनी की सर्पदंश और मौत की भनक तक नहीं लगने दी गई और ससुराल वाले बिना बताए शव को लेकर घूमते रहे। इस बात पर दोनों पक्षों में खूनी संघर्ष जैसे हालात बन गए और जमकर गाली-गलौज हुई। अस्पताल स्टाफ और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग कर शांत कराया। फिलहाल, स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले में मर्ग कायम कर वैधानिक जांच कर रही है।
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