ब्रिटेन के आंतरिक मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं: वेंस की टिप्पणी पर प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का कड़ा पलटवार
लंदन | ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के आधिकारिक कार्यालय (डाउनिंग स्ट्रीट) ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है, जिसमें उन्होंने एक ब्रिटिश छात्र की हत्या के तार आव्रजन (इमिग्रेशन) से जोड़े थे। ब्रिटिश सरकार ने इसे देश के आंतरिक मामलों में दखल और समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश करार दिया है।
छात्र की हत्या और अदालती फैसला
यह पूरा विवाद दिसंबर में इंग्लैंड के साउथेम्प्टन में हुई 18 वर्षीय श्वेत छात्र हेनरी नोवाक की बेरहमी से की गई हत्या से जुड़ा है। हेनरी पर विक्रम डिगवा नाम के एक युवक ने आठ इंच लंबे धार्मिक चाकू (कृपाण) से जानलेवा हमला किया था। वारदात के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद पर नस्लीय हमला होने की झूठी कहानी गढ़ी, जिसके चलते शुरुआत में पुलिस ने घायल हेनरी को ही संदिग्ध समझकर हथकड़ी लगा दी थी। बाद में घावों का पता चलने पर हेनरी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस मामले में अदालत ने आरोपी डिगवा को दोषी करार देते हुए न्यूनतम 21 साल की कैद के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जेडी वेंस की टिप्पणी और ब्रिटिश सरकार का पलटवार
इस अदालती फैसले के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इस घटना पर आक्रोश जताया और इसके लिए उन प्रवासियों को जिम्मेदार ठहराया जो कथित तौर पर पश्चिमी मूल्यों से नफरत करते हैं। वेंस के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा कि कुछ बाहरी तत्व ब्रिटेन के लोकतंत्र में हस्तक्षेप करने और समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार इस दुखद घड़ी में शोक मना रहा है और वे नहीं चाहते कि उनके बेटे की मौत का इस्तेमाल नफरत या राजनीतिक तनाव बढ़ाने के लिए किया जाए। विपक्षी लिबरल डेमोक्रेट्स के नेता एड डेवी ने भी वेंस की आलोचना करते हुए इस घटना के राजनीतिकरण को गलत बताया।
पुलिसिया कार्रवाई पर बहस और पीड़ित परिवार का रुख
घटना के समय पुलिस द्वारा अपनाए गए रवैये को लेकर ब्रिटेन और अमेरिका में 'टू-टियर पुलिसिंग' (दोहरे मानदंड वाली पुलिसिंग) के आरोप भी लग रहे हैं। दक्षिणपंथी नेताओं और अमेरिकी विदेश विभाग ने भी इस दावे का समर्थन किया कि ब्रिटिश न्याय व्यवस्था में पूर्वाग्रह दिखता है, हालांकि ब्रिटिश सरकार ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। इस बीच, पुलिस की शुरुआती कार्रवाई की जांच एक स्वतंत्र निगरानी संस्था को सौंप दी गई है। इन सबके इतर, मृतक छात्र के पिता मार्क नोवाक ने एक बेहद परिपक्व संदेश देते हुए कहा कि यह मामला न तो नस्लवाद का है और न ही मजहब का। उन्होंने अपील की कि उनके बेटे की मौत का इस्तेमाल नफरत फैलाने के बजाय सड़कों को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए किया जाना चाहिए।
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