हाई-प्रोफाइल सुरक्षा: गिरिबाला सिंह और समर्थ पर 24 घंटे निगरानी
भोपाल: ट्विशा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई की जांच तेज होने के साथ ही न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए आरोपियों की सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है. मामले की मुख्य आरोपी और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के साथ उनके अधिवक्ता बेटे समर्थ सिंह को केंद्रीय जेल में रखा गया है, जहां जेल प्रशासन ने उनकी सुरक्षा के लिए विशेष और अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं. दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जेल प्रशासन ने एक दर्जन से अधिक प्रहरियों की विशेष तैनाती की है. इसके साथ ही उनकी बैरकों के आसपास अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाकर चौबीसों घंटे हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है.
सुरक्षा के कड़े घेरे के बीच समर्थ सिंह सामान्य बैरक में शिफ्ट
मामले के सह-आरोपी समर्थ सिंह को लेकर जेल प्रशासन ने एक बड़ा बदलाव किया है. उन्हें बीते शुक्रवार की शाम को विशेष सुरक्षा सेल से हटाकर सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है. हालांकि, इस शिफ्टिंग के बावजूद उनकी सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी गई है. सामान्य वार्ड में तैनात हर एक सुरक्षा प्रहरी को निर्देश दिए गए हैं कि वे समर्थ की हर हरकत और गतिविधि पर लगातार नजर बनाए रखें. इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी उनकी बैरक की डिजिटल निगरानी की जा रही है ताकि सुरक्षा को लेकर कोई चूक न हो.
पूर्व जज की सुरक्षा में महिला प्रहरी तैनात, 26 पुराने कैदियों के चलते बढ़ा अलर्ट
दूसरी तरफ, पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन सबसे ज्यादा सतर्कता बरत रहा है. उन्हें महिला बैरक में रखा गया है, जहां केवल महिला प्रहरियों की ड्यूटी लगाई गई है. इस बैरक के बाहर और आसपास के पूरे हिस्से को सीसीटीवी कैमरों की जद में रखा गया है. गिरिबाला सिंह की सुरक्षा को लेकर इतनी ज्यादा संवेदनशीलता इसलिए है क्योंकि इसी केंद्रीय जेल में उनके कार्यकाल के दौरान सजा पाए करीब 26 कैदी भी बंद हैं. ऐसे में किसी भी संभावित टकराव या अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता.
जेल में सामान्य रहा व्यवहार, कानून पर जताया पूरा भरोसा
जेल में रहने के दौरान दोनों मां-बेटे का व्यवहार अब तक काफी सामान्य और संजीदा देखा गया है. बीते दिनों दोनों को सुबह के नाश्ते में नमकीन दलिया और चाय दी गई, जिसे दोनों ने एक समान मात्रा में लिया. जेल अधिकारियों से बातचीत के दौरान पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह की गंभीर बीमारी से ग्रस्त नहीं हैं. केस को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने काफी सकारात्मक रुख दिखाया और अधिकारियों से कहा कि उन्हें देश की कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा है. उन्होंने दृढ़ता से अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्होंने और उनके बेटे ने कुछ भी गलत नहीं किया है.
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