ट्रंप का बड़ा प्रोजेक्ट विवादों में, लिंकन पूल की हालत बिगड़ी
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का राजधानी वॉशिंगटन डीसी को खूबसूरत बनाने का प्रोजेक्ट फिलहाल मुश्किलों में घिरता नजर आ रहा है। करोड़ों डॉलर खर्च कर रेनोवेट किए गए ऐतिहासिक 'लिंकन मेमोरियल रिफ्लेक्टिंग पूल' में एक नई और शर्मनाक गड़बड़ी सामने आई है। पूल के तल (बॉटम) पर की गई बेहद महंगी नीली कोटिंग अब कई जगहों से उखड़कर पानी में तैरती दिखाई दे रही है, जिससे इस काम की क्वालिटी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पानी में तैरने लगी नीली कोटिंग
गुरुवार को नेशनल मॉल में मौजूद इस ऐतिहासिक पूल के अंदर नीले रंग की एक परत पानी के ऊपर तैरती देखी गई। यह अभी साफ नहीं है कि यह पेंट है या कोई केमिकल सीलेंट, लेकिन तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया और अमेरिकी मीडिया में इस प्रोजेक्ट में बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार को लेकर बहस छिड़ गई है।
1.47 करोड़ डॉलर का प्रोजेक्ट और लगातार विफलता
बेहद प्रतिष्ठित इस पूल को नए सिरे से संवारने का आदेश अप्रैल में दिया गया था। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट की लागत 18 लाख डॉलर बताई गई थी, लेकिन बाद में यह बढ़कर लगभग 1.47 करोड़ डॉलर (करीब 1.32 अरब रुपये) तक पहुंच गई। कॉन्ट्रैक्ट के तहत पूल को खाली करके उसके तल को अमेरिकी झंडे के नीले रंग से रंगा गया था। लेकिन काम पूरा होने के कुछ ही दिनों बाद पहले तो पूल के पानी में हरी काई जमने लगी और अब यह महंगी कोटिंग भी उखड़ने लगी है।
विशेषज्ञों और कंपनी का क्या है कहना?
रेनोवेशन का काम करने वाली कंपनी 'अटलांटिक इंडस्ट्रियल कोटिंग' के मालिक एडी वुड ने सफाई में कहा कि सिर्फ तस्वीरों के आधार पर समस्या बताना मुश्किल है, लेकिन मेंटेनेंस के दौरान इसे ठीक कर दिया जाएगा। दूसरी तरफ, पूल इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञ टिम आउरहान का कहना है कि सतह की खराब तैयारी, गलत तरीके से कोटिंग करने या मौसम के असर के कारण ऐसा हो सकता है। अगर यह बड़े पैमाने पर उखड़ रहा है, तो यह बेहद चिंताजनक है।
ओबामा बनाम ट्रंप: 100 साल पुराने पूल का इतिहास
लगभग 100 साल पुराना यह रिफ्लेक्टिंग पूल लंबे समय से पानी रिसने और काई जमने की समस्या से जूझ रहा है। इससे पहले 2012 में तत्कालीन प्रशासन ने भी करीब 3.4 करोड़ डॉलर खर्च कर 18 महीने तक इसका रेनोवेशन कराया था, लेकिन कुछ समय बाद वहां गंदा पानी और गंदगी मिलने से वह प्रोजेक्ट भी नाकाम रहा था। वर्तमान प्रशासन ने पिछले काम को नाकाम बताते हुए ही इस साल दोबारा रेनोवेशन शुरू कराया था।
तकनीक भी फेल, प्रशासन के लिए शर्मिंदगी
पूल के पानी को साफ रखने के लिए हाल ही में प्रशासन ने हाइड्रोजन पेरॉक्साइड और एडवांस्ड 'नैनोबबलर टेक्नोलॉजी' का भी इस्तेमाल किया था, लेकिन इसके बावजूद गुरुवार को पूल का पानी कई जगहों पर हरा ही नजर आया। कोटिंग उखड़ने और काई की इस नई समस्या ने प्रशासन को बैकफुट पर ला दिया है और इसे जनता के टैक्स के पैसों की बर्बादी के रूप में देखा जा रहा है।
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