राजनीतिक गलियारों में चर्चा, महुआ बोलीं- संकट में सिर्फ शुभेंदु ने दिया सहारा
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी भारी उथल-पुथल के बीच एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार और पार्टी के भीतर ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में बगावत का सामना कर रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चिंताएं अब और बढ़ सकती हैं। यह चिंता किसी विपक्षी नेता ने नहीं, बल्कि टीएमसी की फायरब्रांड नेता और कृष्णानगर से सांसद महुआ मोइत्रा के एक हालिया बयान ने बढ़ाई है।
महुआ मोइत्रा ने बीते 22 जून को दिए एक इंटरव्यू में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी की जमकर तारीफ की है। मौजूदा समय में दोनों नेता एक-दूसरे के धुर विरोधी माने जाते हैं, ऐसे में महुआ का यह बयान राजनीतिक गलियारों में हॉट टॉपिक बन गया है।
"शुभेंदु मेरे अच्छे दोस्त हैं, उन्होंने मेरा साथ दिया"
महुआ मोइत्रा ने इंटरव्यू के दौरान शुभेंदु अधिकारी के साथ अपने पुराने और भावनात्मक संबंधों को याद किया। महुआ ने कहा:
"शुभेंदु मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। जब हम दोनों एक ही पार्टी (TMC) में थे, तो उन्होंने मेरा काफी साथ दिया था। साल 2016 में जब मैं करीमपुर सीट से अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ रही थी और संगठन के अन्य नेताओं से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा था, तब केवल शुभेंदु ही जमीन पर उतरकर मेरे लिए प्रचार करने आए थे और उन्होंने हर तरह की मदद भेजी थी।"
महुआ ने उस दौर को याद किया जब शुभेंदु अधिकारी टीएमसी के कद्दावर संगठनकर्ता और नदिया जिले के पार्टी पर्यवेक्षक हुआ करते थे।
टिकट कटने की नौबत आई, तो शुभेंदु ने कहा था- 'नहीं बहन, मैं हूं न'
महुआ मोइत्रा ने साल 2014 की एक भावुक घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब उन्हें लोकसभा का टिकट मिलने की उम्मीद थी लेकिन आखिरी वक्त पर नहीं मिला, तब पूरी पार्टी में केवल शुभेंदु अधिकारी ही उनके साथ खड़े हुए थे। महुआ के मुताबिक, शुभेंदु ने ढांढस बंधाते हुए उनसे कहा था— "नहीं बहन, मैं हूं न।"
इसी तरह साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले जब महुआ कृष्णानगर सीट से चुनाव लड़ना चाहती थीं और टिकट को लेकर संशय बना हुआ था, तब भी एक सीनियर सहकर्मी के नाते शुभेंदु ने उन्हें संभाला था। बाद में महुआ को टिकट मिला और वह जीतकर संसद पहुंचीं। महुआ ने इसे एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव (इमोशनल कनेक्शन) बताया, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आज दोनों अलग-अलग पार्टियों में हैं और उनके बीच कोई बातचीत नहीं होती है।
ममता बनर्जी के लिए क्यों बढ़ी मुश्किलें?
शुभेंदु अधिकारी दिसंबर 2020 में टीएमसी का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे और तब से वह ममता बनर्जी के सबसे बड़े और कट्टर आलोचक माने जाते हैं। ऐसे में महुआ मोइत्रा जैसी शीर्ष टीएमसी नेता द्वारा सार्वजनिक मंच से शुभेंदु अधिकारी की तारीफ करना ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे समय में जब पार्टी हार के बाद आंतरिक बगावत और राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर गुटबाजी से जूझ रही है, महुआ का यह बयान पार्टी की एकजुटता पर बड़े सवाल खड़े करता है।
संसद में NEET विवाद पर बढ़ा सियासी टकराव, राहुल गांधी की बैठक से क्या निकलेगा हल?
CJP प्रोटेस्ट विवाद: सरकार ने कहा- संवाद के रास्ते खुले, 4 बार भेजा बातचीत का न्योता
हापुड़ में 6 साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म प्रयास, पुलिस ने दर्ज किया केस
शिक्षा पर कितना निवेश, कितना बदलाव? मोदी सरकार के 12 साल का डेटा आया सामने
झाबुआ रेल विवाद: 6 घंटे इंतजार के बाद यात्रियों ने रोका ट्रैक, बोले- लोकल को दी जा रही प्राथमिकता
'युवा सीधे संवाद चाहते हैं', विक्रमादित्य सिंह ने PM मोदी को दिया सुझाव
₹35 हजार का जुर्माना और 1000 लोगों को भोज, छत्तीसगढ़ से सामने आया चौंकाने वाला मामला
आलिया भट्ट, माधवन समेत कई सेलेब्स आए छात्रों के समर्थन में, सोशल मीडिया पर रखी राय