पुलिस कार्रवाई पर भड़के ग्रामीण, प्रदर्शन के बीच SDOP के व्यवहार पर उठे सवाल
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में नेशनल हाईवे-934 पर सोमवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस कार्यप्रणाली के विरोध में चक्काजाम कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस उग्र प्रदर्शन के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि पुलिस ने रिश्वत लेकर चोरी के एक मुख्य आरोपी को छोड़ दिया है। वहीं, मौके पर स्थिति संभालने पहुंचे अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) द्वारा ग्रामीणों के साथ कथित तौर पर अभद्रता और धक्का-मुक्की करने का मामला भी सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
रिश्वत लेकर चोरी के आरोपी को छोड़ने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरा विवाद छतरपुर के गुलगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घिनौची गांव से शुरू हुआ। यहां बीते दिनों दिनदहाड़े चोरी की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया था। ग्रामीणों की शिकायत और पहचान के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध आरोपी को हिरासत में भी ले लिया था, लेकिन बाद में उसे बिना किसी ठोस कार्रवाई के छोड़ दिया गया। जैसे ही यह बात ग्रामीणों तक पहुंची, उनका आक्रोश भड़क उठा। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर स्थानीय पुलिस पर लेन-देन कर अपराधी को संरक्षण देने के आरोप लगाए।
कड़ाके की धूप में नेशनल हाईवे पर चक्काजाम
पुलिसिया कार्रवाई से असंतुष्ट और न्याय की मांग को लेकर उद्वेलित ग्रामीण भारी संख्या में एनएच-934 पर जमा हो गए और मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। कड़कड़ाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद ग्रामीण सड़क पर ही डटे रहे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। चक्काजाम के कारण हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय पुलिस बल ने शुरुआती स्तर पर ग्रामीणों को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे।
एसडीओपी की तल्खी और धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल
तनाव बढ़ता देख बड़ा मलहरा के एसडीओपी (SDOP) रोहित अलावा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अधिकारी ने प्रदर्शनकारियों से बेहद तल्ख लहजे में बात की और उन्हें तुरंत सड़क खाली करने की चेतावनी दी। जब ग्रामीण अपनी बात पर अड़े रहे, तो अधिकारी ने कथित तौर पर बल प्रयोग और पुलिसिया रौब दिखाना शुरू कर दिया। आरोप है कि एसडीओपी खुद ग्रामीणों से भिड़ गए और उनके साथ धक्का-मुक्की करने लगे। अधिकारी को ऐसा करते देख अन्य पुलिसकर्मियों ने भी प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसकी आम जनता और प्रबुद्ध वर्ग द्वारा तीखी निंदा की जा रही है।
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