जबलपुर में खतरे की इमारत पर कार्रवाई, अस्थायी प्लेटफॉर्म तैयार करने का काम शुरू
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर के व्यस्ततम व्यावसायिक क्षेत्र बड़ा फव्वारा इलाके में मंगलवार देर रात एक तीन मंजिला पुरानी इमारत भरभराकर ढह गई। इस बड़े हादसे के बाद हरकत में आए नगर निगम प्रशासन ने बुधवार सुबह से ही घटना स्थल पर फैले मलबे को हटाने और इमारत के बचे हुए खतरनाक जर्जर हिस्से को सुरक्षित तरीके से जमींदोज करने की कवायद बेहद तेज कर दी है। सुबह से ही नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी दस्ते, तकनीकी इंजीनियरों की टीम और भारी पुलिस बल मौके पर मोर्चा संभाले हुए है। हादसे की भयावहता और मलबे की सफाई के दौरान किसी भी अन्य दुर्घटना को रोकने के लिए कमानिया गेट से लार्डगंज की तरफ जाने वाले मुख्य मार्ग को सुरक्षा के लिहाज से दोनों तरफ से बैरिकेड्स लगाकर पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत का सामने का मुख्य हिस्सा रात में ही ढह गया था, लेकिन उसका पिछला और अंदरूनी हिस्सा अभी भी जर्जर हालत में खड़ा हुआ है, जो कभी भी गिर सकता है और आसपास के रिहाइशी मकानों के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ है। चूंकि इमारत की ऊंचाई काफी अधिक है, इसलिए नगर निगम की सामान्य पोकलेन और जेसीबी (JCB) जैसी भारी मशीनें ऊपरी हिस्से तक सीधे पहुंचने में नाकाम साबित हो रही थीं। इस बड़ी तकनीकी समस्या से निपटने के लिए नगर निगम के इंजीनियरों ने एक बेहद अनूठा और देसी रास्ता निकाला है। निगम की टीम ने ढही हुई इमारत के ठीक सामने खाली जगह पर डंपर और ट्रकों के जरिए लगातार मलबा, मूरम और मिट्टी डलवाना शुरू कर दिया है। इस मलबे की मदद से मौके पर ही एक बेहद मजबूत और ऊंचा अस्थायी रैंप (प्लेटफॉर्म) तैयार किया जा रहा है। जैसे ही यह मिट्टी का प्लेटफॉर्म बनकर तैयार होगा, विशालकाय हिताची मशीन इस मलबे के पहाड़ पर चढ़कर ऊंचाई तक पहुंच जाएगी। इसके बाद ही ऊपर बचे हुए खतरनाक हिस्से को बिना किसी नुकसान के नियंत्रित और सुरक्षित तरीके से तोड़ा जाना संभव हो सकेगा।
आसपास की दुकानों और रिहाइशी इलाकों की सुरक्षा के लिए पुलिस की कड़ी घेराबंदी
नगर निगम और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे रेस्क्यू और डिमोलिशन ऑपरेशन में उनकी सबसे पहली और मुख्य प्राथमिकता आसपास की दुकानों, मकानों और वहां रहने वाले स्थानीय नागरिकों को पूरी तरह से सुरक्षित रखना है। कमानिया गेट और लार्डगंज की ओर से आने वाले हर प्रकार के पैदल और वाहन यातायात को पूरी तरह रोक दिया गया है ताकि भारी मशीनों के संचालन और डंपरों की आवाजाही में कोई रुकावट पैदा न हो। नगर निगम की मशीनें लगातार बिना रुके ग्राउंड जीरो से भारी मलबा हटाने और जर्जर ढांचे को धीरे-धीरे कतरने के काम में जुटी हुई हैं।
इस संवेदनशील बाजार क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और उत्सुक लोगों की भीड़ को घटना स्थल से दूर रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। नगर निगम के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि मलबा साफ करने और जर्जर हिस्से को गिराने की यह संयुक्त दंडात्मक व सुरक्षात्मक प्रक्रिया तब तक लगातार जारी रहेगी, जब तक कि वह पूरा व्यस्त व्यावसायिक मार्ग आम जनता के आवागमन के लिए पूरी तरह से निरापद और सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता।
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