बैंकॉक के नाइट क्लबों में सुरक्षा मानकों पर फिर उठे गंभीर सवाल
बैंकॉक। थाईलैंड की राजधानी में सोमवार के तड़के एक पब के भीतर भयंकर आग लगने से 27 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 63 अन्य लोग झुलसकर अस्पताल पहुंच गए। इस भीषण अग्निकांड के बाद सबसे दिल दहला देने वाला नजारा पब के पिछले हिस्से में स्थित वॉशरूम के पास देखने को मिला, जहां सबसे ज्यादा शव बरामद हुए। आशंका है कि दम घोंटू धुएं से बचने के लिए लोग इस उम्मीद में उस तरफ भागे कि वहां से कोई रास्ता होगा, लेकिन सुरक्षित निकास न मिलने के कारण वे वहीं फंस गए। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद अब पब के इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन द्वार), फायर अलार्म और अन्य सुरक्षा उपायों की पोल खुलती नजर आ रही है, जिनकी जांच शुरू कर दी गई है।
मनोरंजन स्थलों की सुरक्षा और पुराने जख्म
थाईलैंड के नाइट क्लबों में आग लगने की यह कोई पहली भयावह घटना नहीं है। इससे पहले साल 2009 में एक नाइट क्लब अग्निकांड में 66 लोगों की जान चली गई थी, वहीं 2022 में भी एक म्यूजिक पब में लगी आग ने 14 जिंदगियां लील ली थीं। अब साल 2026 में हुए इस ताजा हादसे ने प्रशासन को फिर से कटघरे में खड़ा कर दिया है कि आखिर बार-बार होने वाली इन त्रासदियों के बाद भी सुरक्षा नियमों को कड़ाई से लागू क्यों नहीं किया गया। दुनिया भर में अपनी नाइटलाइफ और बेहतरीन पर्यटन के लिए मशहूर थाईलैंड में हर साल लाखों विदेशी सैलानी आते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का साफ कहना है कि सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों पर फायर सेफ्टी मानकों का सख्ती से पालन और उनका नियमित निरीक्षण ही भविष्य में ऐसे हादसों को रोक सकता है।
मंच से उठी चिंगारी और हॉल में मची भगदड़
जिस समय यह हादसा हुआ, पब के अंदर लाइव म्यूजिक प्रोग्राम चल रहा था और भारी तादाद में लोग मौजूद थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मंच पर प्रस्तुति दे रहे एक संगीतकार ने सबसे पहले पास के सर्किट ब्रेकर से धुआं निकलते देखा था। इसके कुछ ही सेकंड बाद पब की बत्ती गुल हो गई और एक जोरदार धमाका हुआ, जिसने पूरे हॉल को पल भर में घने और जहरीले काले धुएं के गुबार से भर दिया। अचानक हुए इस अंधेरे और धुएं के कारण किसी को बाहर निकलने का रास्ता नहीं सूझा और पब के भीतर चीख-पुकार के साथ भीषण भगदड़ मच गई।
राहत कार्य और अपनों की तलाश में भटकते परिजन
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियों ने मोर्चा संभाला और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, लेकिन तब तक यह पब श्मशान में तब्दील हो चुका था। अस्पताल में भर्ती घायलों में से 22 लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती यह भी आ रही है कि कई पीड़ितों के पास उनकी पहचान से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं मिला है, जिससे शवों की शिनाख्त मुश्किल हो गई है। अपनों को खोने वाले और लापता लोगों के परिजनों की मदद के लिए प्रशासन ने घटनास्थल के ठीक बाहर एक विशेष सहायता केंद्र स्थापित किया है, जहां रोते-बिलखते लोग अपने रिश्तेदारों के बारे में जानकारियां जुटा रहे हैं।
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