सुबह तड़के से देर शाम तक निगरानी, बिजली चोरी के खिलाफ अदाणी इलेक्ट्रिसिटी का अभियान तेज
नई दिल्ली। अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने बिजली चोरी के खिलाफ एक बेहद आक्रामक और सघन अभियान चलाकर अपने नुकसान को न्यूनतम स्तर पर लाने में बड़ी सफलता हासिल की है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अपने एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल (एटीएंडसी) नुकसान को घटाकर महज 4.46 प्रतिशत पर समेट दिया है, जो कि बीते वर्ष 4.7 प्रतिशत के स्तर पर था। इस उल्लेखनीय प्रदर्शन के बाद कंपनी पूरे भारत में सबसे बेहतरीन और न्यूनतम एटीएंडसी लॉस दर्ज करने वाली बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की अग्रणी सूची में शामिल हो गई है।
आम उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत और सुधरेगी बिजली वितरण प्रणाली
वितरण नुकसान में आई 0.24 प्रतिशत की यह कमी न केवल तकनीकी मजबूती को दर्शाती है, बल्कि इसका सीधा फायदा आम जनता को भी मिलेगा। कंपनी के अनुसार, बिजली चोरी में आई इस कमी से उन ईमानदार उपभोक्ताओं पर से आर्थिक बोझ काफी कम होगा जो नियमित रूप से अपने बिजली बिलों का भुगतान करते हैं। इसके साथ ही वितरण प्रणाली की पूरी कार्यक्षमता और बुनियादी ढांचे में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा, जिससे भविष्य में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
चोरी रोकने के लिए बिछाया गया देशव्यापी छापों का मजबूत जाल
बिजली की इस चोरी को जड़ से खत्म करने के लिए अदाणी इलेक्ट्रिसिटी के सतर्कता दल ने पूरे वित्त वर्ष के दौरान रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई को अंजाम दिया। बिजली चोरों के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए विभाग की विभिन्न टीमों ने इस दौरान कुल 36,720 बड़े स्तर के ठिकानों पर अचानक छापेमारी की। कंपनी ने कड़ी कानूनी कार्रवाई का रुख अपनाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले और बिजली चोरी के गंभीर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में 486 एफआईआर भी दर्ज कराई हैं।
विशेष छापेमारी के दम पर पकड़े गए हजारों अवैध मामले
कंपनी ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए सुबह तड़के, देर शाम और सरकारी छुट्टियों के दिनों में औचक निरीक्षण करने वाली विशेष टीमों की संख्या में 40 प्रतिशत तक का इजाफा किया था। इस रणनीतिक फेरबदल के कारण बिजली चोरों को संभलने का बिल्कुल मौका नहीं मिला और जांच दल कुल 5,897 बिजली चोरी के मामलों को रंगे हाथों पकड़ने में पूरी तरह कामयाब रहा। इस विशेष मुस्तैदी की बदौलत ही इतने बड़े स्तर पर अवैध बिजली के इस्तेमाल पर लगाम लगाई जा सकी है।
टन के हिसाब से अवैध केबल जब्त और करोड़ों की बिजली चोरी उजागर
चलाए गए इस सघन जांच अभियान के दौरान अधिकारियों ने अलग-अलग इलाकों से कुल 79.25 टन अवैध बिजली के तार, कटिया और बिजली चोरी में इस्तेमाल होने वाले अन्य खतरनाक उपकरण मौके से जब्त किए हैं। सघन जांच-पड़ताल और फॉरेंसिक मीटर रीडिंग के दौरान यह बात सामने आई कि इन अवैध माध्यमों से करीब 1.98 करोड़ यूनिट यानी 19.82 मिलियन यूनिट बिजली की भारी-भरकम चोरी की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, इस चोरी की गई कुल बिजली की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 43.39 करोड़ रुपये आंकी गई है।
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