Ather Energy पर सरकार का भरोसा, ₹200 करोड़ के निवेश से मिलेगी नई रफ्तार
बेंगलुरु:घरेलू इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बाजार की प्रमुख कंपनी एथर एनर्जी ने अपनी विस्तार योजनाओं के लिए बड़ी पूंजी जुटाने की घोषणा की है। इस नए निवेश दौर में सबसे खास नाम इंडिया-जापान फंड (IJF) का सामने आया है, जो भारत सरकार और जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (JBIC) का एक संयुक्त निवेश माध्यम है। एक सूचीबद्ध दोपहिया निर्माता कंपनी में इस तरह के रणनीतिक निवेश के पीछे सरकार की कोई तात्कालिक राहत योजना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी व्यापक औद्योगिक रणनीति काम कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धी ईवी कंपनियों को तैयार करना, देश की कच्चे तेल पर निर्भरता को कम करना और भारत को क्लीन मोबिलिटी के एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना है।
इंडिया-जापान फंड के जरिए परोक्ष निवेश, क्लीन एनर्जी को बढ़ावा
एथर एनर्जी में होने वाले इस निवेश की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सरकार इसमें सीधे तौर पर पूंजी नहीं लगा रही है। यह पूरा वित्तीय लेन-देन इंडिया-जापान फंड के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जो करीब 60 करोड़ डॉलर का एक दीर्घकालिक फंड है। वर्ष 2023 में नेशनल इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) और जापानी बैंक द्वारा शुरू किए गए इस फंड में भारत सरकार की एनआईआईएफ के माध्यम से 49 प्रतिशत की हिस्सेदारी है, जबकि शेष 51 प्रतिशत हिस्सेदारी जापानी सहयोगी की है। यह विशिष्ट फंड मुख्य रूप से क्लीन एनर्जी, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और कम-कार्बन उत्सर्जक तकनीकों पर काम करने वाले चुनिंदा व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए एक संस्थागत निवेशक के रूप में कार्य करता है।
स्वदेशी तकनीक और 'मेक इन इंडिया' के पैमानों पर खरी उतरी एथर
एथर एनर्जी इस बड़े निवेश के लिए सरकारी और संस्थागत क्राइटेरिया में पूरी तरह फिट बैठती है, क्योंकि विदेशी कलपुर्जों को आयात कर केवल असेंबलिंग करने वाली अन्य कंपनियों की तुलना में एथर ने अपनी अधिकांश मुख्य तकनीकों को भारत में ही विकसित किया है। कंपनी ने अपना खुद का बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म, कनेक्टेड व्हीकल इकोसिस्टम और एडवांस चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। सरकार के लिए स्वदेशी तकनीकी क्षमता रखने वाले ऐसे उद्यमों को वित्तीय सहायता देना बेहद महत्वपूर्ण हो चुका है, क्योंकि इससे 'मेक इन इंडिया' अभियान को गति मिलती है और देश में उच्च मूल्य वाली मैन्युफैक्चरिंग नौकरियों के नए अवसर सृजित होते हैं।
संपूर्ण ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए बहुआयामी निवेश रणनीति
इस रणनीतिक निवेश से बाजार के अन्य बड़े निवेशकों का भरोसा भी एथर एनर्जी के प्रति काफी मजबूत होने की उम्मीद है, क्योंकि इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि कंपनी को दीर्घकालिक सरकारी नीतियों का मजबूत समर्थन हासिल है। हालांकि, यह फंड केवल एथर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसने महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी और कमर्शियल वाहन निर्माता ईकेए मोबिलिटी जैसी अन्य प्रमुख कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। थ्री-व्हीलर, कमर्शियल वाहनों और प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटरों जैसे अलग-अलग सेग्मेंट्स में पूंजी लगाकर यह फंड किसी एक एकल कंपनी पर जोखिम लेने के बजाय देश के भीतर एक संपूर्ण और आत्मनिर्भर ईवी इकोसिस्टम का ढांचा खड़ा कर रहा है।
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