ICU ब्लॉग के बाद उठे सवालों पर अमिताभ बच्चन का जवाब, बोले- मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं
मुंबई। बॉलीवुड के महानायक और 'शहंशाह' कहे जाने वाले दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन अपने नियमित और विचारोत्तेजक ब्लॉग लिखने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन, हाल ही में उनके द्वारा लिखे गए एक ब्लॉग पोस्ट ने उनके करोड़ों प्रशंसकों (फैंस) की नींद उड़ा दी थी और हर कोई उनके स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता में डूब गया था। दरअसल, बिग बी ने अपने उस ब्लॉग में 'सर्जरी' और 'आईसीयू' (ICU) जैसे शब्दों का जिक्र कर दिया था, जिसके बाद सोशल मीडिया और अन्य जगहों पर यह कयास लगाए जाने लगे कि शायद अभिनेता की कोई गुप्त सर्जरी हुई है और उनकी तबीयत ठीक नहीं है। हालांकि, यह महज एक गलतफहमी थी, जिस पर अब खुद अमिताभ बच्चन ने एक नया ब्लॉग साझा कर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।
ब्लॉग में दी सफाई, बोले— 'मैं बिल्कुल ठीक हूं, मेरी कोई सर्जरी नहीं हुई'
अपनी हालिया ब्लॉग पोस्ट के जरिए अमिताभ बच्चन ने अपने सभी चाहने वालों को आश्वस्त किया है कि वे पूरी तरह स्वस्थ और तंदुरुस्त हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी किसी भी प्रकार की कोई सर्जरी नहीं हुई है, और उनके पिछले ब्लॉग को लोगों ने पूरी तरह से गलत अर्थों में समझ लिया था। अभिनेता ने साफ किया कि उनका वह पुराना पोस्ट असल में फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना की दिल दहला देने वाली हार और लियोनेल मेसी के संघर्ष से जुड़ा एक दार्शनिक उदाहरण था, न कि उनके खुद के स्वास्थ्य से।
अपने ब्लॉग में बिग बी ने लिखा है, "मैं बिल्कुल ठीक हूं... मेरे उस पोस्ट को पूरी तरह से गलत समझा गया। मैं केवल एक रूपक (उदाहरण) दे रहा था। जब कोई व्यक्ति सर्जरी या आईसीयू के लंबे दौर से गुजरने के बाद घर लौटता है, तो उसके लिए सबसे मुश्किल समय वह होता है जब उसे अपनी कमजोर हालत का सामना करना पड़ता है। ठीक उसी तरह, जब कोई महान चैंपियन कोई बड़ा मुकाबला हारता है, तो हार के बाद खुद को मानसिक रूप से संभालना दुनिया का सबसे कठिन काम होता है।"
जिंदगी ऐसी ही है, हर चैंपियन को एक दिन आगे बढ़ना होता है— अमिताभ बच्चन
अपनी बात को और अधिक विस्तार से समझाते हुए अमिताभ बच्चन ने आगे लिखा है कि, "फुटबॉल के मैदान पर अर्जेंटीना की हार और लियोनेल मेसी का उस महामुकाबले में हारने वाला चैंपियन बनना इसका सबसे सटीक उदाहरण है। मेरे उस लेख को पढ़कर लोगों को लगा कि मैं अपने स्वास्थ्य के बारे में बात कर रहा हूँ, जो कि एक बहुत बड़ी गलतफहमी थी।"
उन्होंने आगे जोड़ा कि दुनिया के हर चैंपियन खिलाड़ी को यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि समय के किसी न किसी मोड़ पर कोई दूसरा नया चैंपियन उसकी जगह लेने जरूर आएगा। किसी भी ऐसे दिग्गज के लिए यह स्वीकार करना थोड़ा मुश्किल होता है कि अब किसी और ने उसकी गद्दी संभाल ली है, लेकिन यही कड़वा सच जिंदगी का दस्तूर है और समय कभी किसी के लिए नहीं रुकता, यह हमेशा अपनी रफ्तार से चलता रहता है।"
चैंपियन अपनी हार के गम से उबरकर फिर से मुकाबला करना जानता है
जिंदगी के संघर्ष और शरीर की क्षमता का जिक्र करते हुए अमिताभ बच्चन ने ब्लॉग के अंत में लिखा, "कल्पना कीजिए कि आप किसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल जाते हैं, भगवान न करे कि कभी ऐसा हो। जब आप अस्पताल गए थे तब आपका शरीर पूरी तरह काम कर रहा था, लेकिन सर्जरी या किसी बड़े इलाज के बाद बीमारी तो भले ही ठीक हो जाती है, लेकिन उस प्रक्रिया के बाद अपने शरीर को संभालना सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है।"
उन्होंने कहा कि इलाज के बाद हो सकता है कि शरीर पहले की तरह तुरंत काम न करे और उस शारीरिक बदलाव को स्वीकार करना इंसान के लिए मानसिक रूप से कठिन होता है। हालांकि, हमारा शरीर कमाल का होता है, वह खुद को कठिन परिस्थितियों में भी ढाल लेता है और दोबारा काम करने लगता है, भले ही वह पहले जितना रफ्तारभरा न हो। ठीक इसी तरह, मैदान पर हारने वाले चैंपियन को भी ऐसी ही मानसिक और शारीरिक भावनाओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन असली चैंपियन वही है जो हार मानने के बजाय डटकर मुकाबला करता है, अपनी कमियों पर मेहनत करता है, और एक बार फिर से अपनी खोई हुई बादशाहत वापस पाने के लिए मैदान में उतरकर लड़ता है।
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