प्रियंका गांधी ने घेरा केंद्र, कहा- संसद में लोकतांत्रिक परंपराओं का हो रहा उल्लंघन
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तल्खी लगातार बढ़ती जा रही है। विपक्षी सांसदों के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता के. सुरेश ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मकर द्वार पर काले कपड़ों में प्रदर्शन का मुख्य कारण पिछले दिन विपक्ष के नेता और अन्य सांसदों के साथ हुआ पुलिस का अभद्र व्यवहार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार का दमनकारी रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पार्टी इस पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगी।
मदन राठौड़ का पलटवार: राहुल गांधी पर साधा निशाना
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने विपक्षी दलों के रवैये पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के पास देश से जुड़ा कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है और वे महज समाचारों में बने रहने के लिए इस तरह की गतिविधियां कर रहे हैं। राठौड़ ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के इस व्यवहार के विरोध में भाजपा भी पीछे नहीं हटेगी और देशभर में कांग्रेस कार्यालयों के समक्ष व्यापक प्रदर्शन दर्ज कराएगी। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह के बयानों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन में शामिल दलों की कोई साझी विचारधारा नहीं है, जिसके कारण उनके बीच आपसी आरोप-प्रत्यारोप और नाटक देखने को मिल रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े केसी वेणुगोपाल
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने उनके पद पर बने रहने की नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए। वेणुगोपाल ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में आए संकट के बाद मंत्री जी अपना नैतिक अधिकार खो चुके हैं और देश की जनता अब उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा के लिए शिक्षा मंत्री को तत्काल प्रभाव से अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए।
सदन न चलने देने पर रामगोपाल यादव के तीखे बोल
संसदीय कार्यवाही में जारी गतिरोध पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ सांसद रामगोपाल यादव ने केंद्र सरकार की मंशा पर उंगली उठाई है। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के प्रश्नों से बचना चाहती है और चर्चा से भागने के लिए बार-बार सदन को स्थगित किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला उपहास है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनहित के मुद्दों पर कोई पारदर्शी जवाबदेही तय नहीं की जा रही है। वहीं, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के सांसद ए. राजा ने भी कांग्रेस के विरोध का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक और दल को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की स्वतंत्रता है।
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