जंतर-मंतर विवाद पर वाराणसी में बढ़ा तनाव, सड़कों पर उतरे युवा; कैंपस में सुरक्षा कड़ी
वाराणसी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के ऊपर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध की आंच अब उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों तक पहुंच चुकी है। वाराणसी समेत आसपास के कई अन्य जिलों में भी छात्रों का यह गुस्सा सड़कों पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। बुधवार के दिन वाराणसी स्थित प्रसिद्ध महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के परिसरों में छात्रों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और भारी पुलिस बल को अलर्ट कर दिया गया। उधर, बीएचयू परिसर में भी छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन पिछले तीन दिनों से लगातार जारी है, जिसे नियंत्रित करने के लिए भारी मात्रा में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा शहर में स्थित प्रधानमंत्री के जनसंपर्क कार्यालय की सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ बना पुलिस छावनी, छात्रों ने की जमकर नारेबाजी
बुधवार की सुबह जैसे ही महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के प्रांगण में छात्र-छात्राओं के एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करने की सूचना स्थानीय प्रशासन को मिली, वैसे ही पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई। सूचना मिलते ही भारी-भरकम पुलिस बल और आरएएफ (RRF) की टुकड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं।
छात्रों के भारी विरोध को देखते हुए पूरा विश्वविद्यालय परिसर किसी छावनी में तब्दील नजर आया। स्थिति को नियंत्रण में रखने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद परिसर के भीतर और आसपास लगातार पैदल मार्च करते हुए नजर आए। काशी विद्यापीठ के मुख्य गेट पर भारी संख्या में जुटे छात्र-छात्राओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई बर्बर पुलिस कार्रवाई के विरोध में छात्रों ने यह मोर्चा खोला था।
बीएचयू में पिछले तीन दिनों से जारी है छात्रों का उग्र विरोध प्रदर्शन
वाराणसी स्थित प्रतिष्ठित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्र और छात्राएं पिछले तीन दिनों से लगातार उग्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर घटी उस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद से ही यहां के विद्यार्थियों में भारी रोष और आक्रोश व्याप्त है।
बुधवार को एक बार फिर बीएचयू परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चाक-चौबंद कर दिया गया। अंदर और बाहर चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र विश्वविद्यालय के भीतर की हर गतिविधि और स्थिति पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं।
प्रधानमंत्री के जनसंपर्क कार्यालय और संवेदनशील इलाकों पर भी कड़ी सुरक्षा
छात्र आंदोलनों के उग्र रूप को देखते हुए वाराणसी शहर में स्थित प्रधानमंत्री के आधिकारिक जनसंपर्क कार्यालय (PM Public Relations Office) पर भी एहतियातन अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। दिल्ली की घटना के बाद उपजे तनावपूर्ण माहौल को भांपते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट पूरी तरह सतर्क मोड में है और हर संवेदनशील गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
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