मेटा की योजना: छंटनी के साथ AI विभाग में बड़ा रीऑर्गनाइजेशन
कैलिफोर्निया। सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक की पेरेंट कंपनी 'मेटा' ने इस हफ्ते होने वाली अपनी छंटनी और रीस्ट्रक्चरिंग (पुनर्गठन) योजना का पूरा खाका तैयार कर लिया है। सोमवार को कर्मचारियों को भेजे गए एक आंतरिक मेमो में कंपनी ने साफ किया कि वैश्विक स्तर पर वर्कफोर्स को कम करने के साथ-साथ सांगठनिक बदलाव किए जा रहे हैं। इन भारी बदलावों का मुख्य उद्देश्य कंपनी के कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों को बढ़ावा देना है।
बुधवार को होगी 10 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा इसी बुधवार को अपने कुल वर्कफोर्स में से 10 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की योजना बना रही है। इतना ही नहीं, यह भी आशंका जताई गई है कि इस साल के अंत तक कंपनी बड़े पैमाने पर और भी कर्मचारियों की कटौती कर सकती है। मार्च 2026 तक मेटा में लगभग 77,986 कर्मचारी काम कर रहे थे, लेकिन अब कई ओपन जॉब पोस्ट्स को भी फ्रीज कर दिया गया है।
7,000 कर्मियों का ट्रांसफर और छोटी टीमों का गठन
मेटा की चीफ पीपल ऑफिसर जेनेल गैल द्वारा जारी मेमो के अनुसार, करीब 7,000 कर्मचारियों को कंपनी से निकालने के बजाय एआई (AI) से जुड़ी नई परियोजनाओं और टीमों में ट्रांसफर किया जाएगा। कंपनी अब मैनेजरों के कई पदों को खत्म कर रही है ताकि मैनेजमेंट का ढांचा छोटा और सीधा (समतल) हो सके। अब कंपनी छोटी-छोटी 'पॉड' और 'कोहोर्ट' टीमों के जरिए काम करेगी, जिससे फैसले तेजी से लिए जा सकें।
माउस-ट्रैकिंग और एआई को लेकर कर्मचारियों में भारी गुस्सा
मेटा के इस फैसले के बाद कर्मचारियों के बीच भारी असंतोष और नाराजगी देखी जा रही है। दफ्तरों में विरोध प्रदर्शन के पोस्टर लगाए गए हैं और कंपनी के आंतरिक प्लेटफॉर्म 'वर्कप्लेस' पर भी कर्मचारी खुलकर विरोध कर रहे हैं। 1,000 से अधिक कर्मचारियों ने एक विरोध पत्र (याचिका) पर दस्तखत किए हैं। उनका आरोप है कि कंपनी 'माउस-ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर' के जरिए उनके काम करने के तरीकों की निगरानी कर रही है, ताकि इंसानी व्यवहार को एआई मॉडल्स को सिखाया जा सके।
पूरी टेक इंडस्ट्री में एआई के कारण नौकरियों पर संकट
नौकरी से निकाले जाने और ट्रांसफर की इस पूरी प्रक्रिया का असर मेटा के करीब 20 प्रतिशत कर्मचारियों पर पड़ने वाला है। गौरतलब है कि तकनीकी क्षेत्र में केवल मेटा ही ऐसी कंपनी नहीं है जो यह कदम उठा रही है। इस साल कई दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनियों ने इंसानी कामकाज की जगह एआई ऑटोमेशन को शामिल किया है, जिसके कारण पूरी टेक इंडस्ट्री में लगातार छंटनी का दौर चल रहा है।
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