पंचतत्वों के शुद्धिकरण के साथ हुई सामंथा‑राज की भूत‑शुद्धि शादी, जानिए क्या है इसका महत्व
बॉलीवुड | अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु और फिल्म डायरेक्टर राज निदिमोरु ने 1 दिसंबर को शादी कर ली है। उनकी शादी कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र के लिंग भैरवी मंदिर में हुई। सामंथा और राज का भूत शुद्धि विवाह हुआ है। जानिए क्या है भूत शुद्धि विवाह।
भूत शुद्धि विवाह क्या होता है?
खबर के अनुसार, यह एक प्राचीन योगिक रस्म है, जिसमें दूल्हा-दुल्हन के शरीर, मन और ऊर्जा को पांच तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) से पूरी तरह शुद्ध किया जाता है। 'भूत शुद्धि विवाह' का अर्थ है एक ऐसी प्रक्रिया जो इन पांच तत्वों को शुद्ध करती है। इससे पति-पत्नी के बीच बहुत गहरा आध्यात्मिक और ऊर्जा का रिश्ता बनता है। ऐसा माना जाता है कि इस अनुष्ठान से वैवाहिक जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक एकता आती है।
कैसे होता है यह विवाह
इसमें लिंग भैरवी देवी (दिव्य स्त्री शक्ति) की विशेष कृपा मांगी जाती है। दंपति पवित्र अग्नि के चारों ओर परिक्रमा करते हैं और मंदिर में देवी के सामने एक-दूसरे से आजीवन साथ निभाने की प्रतिज्ञा लेते हैं। ये समारोह बहुत सादा, शांत और निजी होता है। इसमें सिर्फ बहुत करीबी परिवार वाले और दोस्त ही शामिल होते हैं।
क्या है ईशा केंद्र?
ईशा केंद्र में तीन तरह के पवित्र विवाह होते हैं- भूत शुद्धि विवाह, लिंग भैरवी विवाह, और विवाह वैभव। इनमें भूत शुद्धि विवाह को सबसे शुद्ध और शक्तिशाली माना जाता है। हालांकि, अगर दुल्हन गर्भवती हो तो यह विशेष अनुष्ठान नहीं कराया जाता। सामंथा और राज ने भूत शुद्धि विवाह किया है।
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