‘मिस करने की जरूरत नहीं पड़ती’—अदनान सामी का दिलचस्प बयान
अदनान सामी ने सुरों की मलिका आशा भोसले को दी भावुक श्रद्धांजलि, कहा- "वे अपनी कला के जरिए सदा अमर रहेंगी"
संगीत जगत की महानतम आवाज, आशा भोसले के निधन से उपजा शून्य आज भी प्रशंसकों और कलाकारों के दिलों में बना हुआ है। हाल ही में मशहूर गायक और संगीतकार अदनान सामी ने आशा जी को याद करते हुए उनके साथ बिताए यादगार पलों को साझा किया। उन्होंने कहा कि आशा जी का जाना संगीत के एक युग का अंत है, लेकिन उनकी विरासत आने वाली कई पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेगी।
"मुझे उनकी कमी महसूस नहीं होगी"
अदनान सामी ने एक बातचीत के दौरान बेहद गहराई से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा:
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अमर संगीत: "मुझे उनकी कमी महसूस नहीं होगी, क्योंकि मेरे लिए वह आज भी अपने संगीत के जरिए यहीं मौजूद हैं। बस दुख इस बात का है कि अब मैं उन्हें फोन नहीं कर सकता या उनके साथ मंच साझा नहीं कर सकता।"
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पारिवारिक रिश्ता: अदनान ने बताया कि उनके परिवार के साथ आशा जी का गहरा लगाव था। उनकी बेटी मदीना उन्हें 'दादी' कहकर पुकारती थी। उनके लिए आशा जी केवल एक महान कलाकार नहीं, बल्कि परिवार का एक अनमोल हिस्सा थीं।
लंदन रिकॉर्डिंग का दिलचस्प किस्सा
अदनान ने लंदन में उनके साथ पहली रिकॉर्डिंग का एक मजेदार अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि आशा जी के विचार कितने आधुनिक और प्रगतिशील थे:
"जब मैं लंदन में उनके साथ रिकॉर्डिंग कर रहा था, तो मैंने वहां के लोगों से उनका परिचय 'आशा जी' कहकर कराया। विदेशी संस्कृति में बड़ों को नाम से पुकारने का चलन है, लेकिन जब सबने उन्हें सम्मान के साथ 'जी' लगाकर बुलाया, तो वह बेहद खुश हुईं। उन्होंने वहां सभी के लिए अपने हाथों से भारतीय चाय भी बनाई।"
92 वर्ष की आयु में थम गई सुरों की यात्रा
भारतीय संगीत की अनमोल धरोहर आशा भोसले का निधन पिछले महीने 12 अप्रैल को 92 वर्ष की आयु में हुआ था। मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर (कई अंगों के काम बंद कर देने) के कारण उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके अंतिम संस्कार में बॉलीवुड और संगीत जगत की तमाम बड़ी हस्तियों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी थी।
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