असम में समान नागरिक संहिता पर बड़ा फैसला, विधेयक हुआ पारित
नई दिल्ली। असम विधानसभा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बुधवार को समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को मंजूरी दे दी गई है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य राज्य में सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, संपत्ति के उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे पारिवारिक मामलों में धर्म से परे एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। हालांकि, विपक्षी दलों ने इस बिल का विरोध करते हुए इसे प्रवर समिति (Select Committee) के पास भेजने की मांग की थी, जिसे दरकिनार कर दिया गया।
उत्तराखंड और गुजरात के बाद असम ने रचा इतिहास
इस ऐतिहासिक विधेयक के पारित होने के साथ ही असम देश का ऐसा तीसरा राज्य बन गया है, जिसने अपनी विधानसभा में समान नागरिक संहिता बिल को पास किया है। इससे पहले उत्तराखंड और गुजरात भी इस कानून को अपने यहां हरी झंडी दे चुके हैं। आपको बता दें कि गोवा में भी एक समान नागरिक कानून लागू है, लेकिन वह पुर्तगाली औपनिवेशिक काल (गोवा सिविल कोड) से ही चला आ रहा है, जबकि नए सिरे से कानून बनाने वाले राज्यों में असम अब तीसरे पायदान पर है।
सभी धर्मों के लिए होंगे एक समान पारिवारिक नियम
असम सरकार द्वारा लाए गए इस नए कानून के लागू होने के बाद राज्य के सभी नागरिकों पर शादी, तलाक और गोद लेने जैसे मामलों में एक जैसे नियम लागू होंगे, चाहे वे किसी भी धर्म या समुदाय से ताल्लुक रखते हों। इसके साथ ही इस बिल में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिसके तहत अब ऐसे रिश्तों का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराना अनिवार्य हो सकता है, ताकि किसी भी विवाद की स्थिति में कानूनी पारदर्शिता बनी रहे।
विपक्ष की आपत्तियों के बीच पास हुआ विधेयक
सदन में इस विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच काफी तीखी बहस देखने को मिली। विपक्षी नेताओं का तर्क था कि इस कानून को जल्दबाजी में लागू करने के बजाय इसके कानूनी और सामाजिक पहलुओं पर और अधिक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। विपक्ष ने इसे विधानसभा की प्रवर समिति को सौंपने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन ध्वनि मत और भारी बहुमत के चलते सरकार इस ऐतिहासिक बिल को सदन से पारित कराने में सफल रही।
पैडी डायवर्सन मॉडल से बदली किसानों की तकदीर
प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से बदली पहाड़ी कोरवा परिवार की जिंदगी
हर जिला अपनी अर्थव्यवस्था बनाने की पहल करे
जब मोदी ने समय से पहले समझ लिया था टेक्नोलॉजी का भविष्य, शिवराज ने सुनाया दिलचस्प किस्सा
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने "एयर एम्बुलेंस एमपी" पोर्टल एवं मोबाइल ऐप का किया शुभारंभ
बीजिंग दौरे से क्या संदेश देना चाहते हैं बांग्लादेशी पीएम रहमान?
असम में समान नागरिक संहिता पर बड़ा फैसला, विधेयक हुआ पारित
दर्जनों ड्रोन हुए आउट ऑफ कंट्रोल! आसमान से गिरने की घटनाओं ने बढ़ाई टेंशन
कांग्रेस सरकार बनने का दावा! BJP विधायक रेणुका सिंह के बयान से सियासत गरमाई