ATS की छापेमारी से मचा हड़कंप, अफगानी नागरिकों की संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा
जबलपुर: एटीएस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाने वाले तीन अफगानी युवकों समेत छह लोगों को पकड़ा है। एटीएस ने दो अफगानी युवकों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया। कोर्ट के आदेश पर तीन युवकों को जेल भेज दिया गया है। इन लोगों ने फर्जी तरीके से भारतीय पासपोर्ट बनवाए थे। एटीएस को जानकारी मिली थी कि जबलपुर से 20 अफगानी युवकों ने पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया है।
10 सालों से जबलपुर में रह रहा सोहबत खान
एटीएस ने सोहबत खान नाम के एक शख्स को हिरासत में लिया है। वह अफगानिस्तान का रहने वाला है और पिछले दस सालों से जबलपुर में रह रहा था। उसने जबलपुर की एक लड़की से शादी भी कर ली थी। सोहबत खान ने फर्जी कागजात के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाया था।
जबलपुर के पते से बने आधार कार्ड
सोहबत ने पश्चिम बंगाल के अकबर और इकबाल नाम के दो अफगानी युवकों के भी जबलपुर के पते से पासपोर्ट बनवाए थे। पासपोर्ट बनवाने से पहले आधार कार्ड में पश्चिम बंगाल के पते को बदलकर जबलपुर का फर्जी पता डाला गया था। एटीएस ने बताया कि सोहबत खान 2024 में अफगानिस्तान गया था. वहां उसने एके-47 बंदूक के साथ फोटो खिंचवाई और फेसबुक पर अपलोड की थी।
पासपोर्ट बनाने में मदद करने वाले गिरफ्तार
एटीएस ने पासपोर्ट बनवाने में मदद करने वाले दिनेश गर्ग, महेंद्र कुमार सुखदन और चंदन सिंह को भी गिरफ्तार किया है। दिनेश गर्ग कलेक्टर ऑफिस में चुनाव सेल में काम करता है। अकबर और मोहम्मद इकबाल को कोलकाता से पकड़ा गया है। एटीएस उन्हें जबलपुर ला रही है।
रुद्राक्ष पहनने से पहले जरूर जानें: महिलाओं के लिए सही रुद्राक्ष और उसके नियम
‘काशी के कोतवाल’ Kal Bhairav की कहानी: आखिर क्यों हुआ Brahma का शिरच्छेद?
UP में बड़ा दांव! Chirag Paswan की एंट्री, सभी सीटों पर उतरने की तैयारी
‘अपमान का बदला ले जनता’: SIR विवाद पर Mamata Banerjee का बड़ा बयान
प्रचार बंद, अब सियासत का फैसला बड़े गठबंधन और नेताओं पर निर्भर
चुनावी मैदान में अनोखा अंदाज, बुलडोजर लेकर पहुंचे प्रत्याशी
पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान तेज, Indian National Congress ने झोंकी स्टार प्रचारकों की फौज
विक्रम यूनिवर्सिटी ने विवाद पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया