क्या अंतरिक्ष के बिना गुरुत्व के माहौल में सलाद पैदा की जा सकती है?
वॉशिंगटन । अंतरिक्ष में वैज्ञानिकों ने कई पौधे उगा कर यह पता लगाया कि क्या अंतरिक्ष के बिना गुरुत्व के माहौल में सलाद पैदा की जा सकती है? इसमें वे ना केवल सफल हुए बल्कि अब आईएसएस में उगी सलाद, नासा के एस्ट्रोनॉट्स के भोजन में भी शामिल हो चुकी है। नई स्टडी में साइंटिस्ट ने बताया है कि स्पेस में उगाई गई सलाद के साथ क्या परेशानी है और ऐसा क्यों है। डेलावेयर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि स्पेस में उगाई गई सालाद में आखिर बैक्टीरिया का संक्रमण क्यों जल्दी हो जाता है। एक अध्ययन में स्पेस के माइक्रोग्रैविटी के माहौल में हरी पत्तियों वाली सलाद से जुड़े हुए जोखिमों पर प्रकाश डाला है। आईएसएस में पिछले तीन साल से अंतरिक्ष पैदा की जा रही लेट्यूस को वहां के एस्ट्रोनॉट्स के मेन्यू में शामिल किया जा रहा है।
यह सलाद खास तरह के चेम्बर्स में उगाई जाती है जिनमें पौधों को उगाने का खास तरह का माहौल होता है। स्टडी में बताया गया है कि आईएसएस में बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया और फफूंद होते हैं जो एस्ट्रोनॉट्स की सेहत के लिए खतरा हो सकते हैं। इस अध्ययन के नतीजे केवल स्पेस में जाने वालों की सेहत के लिए चिंता पैदा करते है। लेकिन ये लंबे अंतरिक्ष अभियानों में, खाने की वजह से पैदा हाने वाली बीमारियां फैलने की संभावनाओं की वजह से ज्यादा चिंताजनक है। इस तरह के अभियानों में नासा और स्पेस एक्स जैसे एजेंसियों ने खासा निवेश किया हुआ है। स्टडी में पाया गया कि सूक्ष्मगुरुत्व के माहौल में पनपे पौधों में सालमोनेला से होने वाले संक्रमित होने की संभावना अधिक हो जाती है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका कारण यह है कि स्पेस में पत्तियों के सांस लेने की जगह, जिसे स्टोमैटा कहते हैं, वह हमेशा ही खुली रहती है। इससे संक्रमित कीटाणु उसके अंदर आसानी से जा सकते हैं। पृथ्वी पर यही स्टोमैटा रात के समय बंद हो जाता है। बता दें कि स्पेस में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन कई तरह के प्रयोग करने के लिए आदर्श जगह है। यहां वैज्ञानिक वो सारे प्रयोग कर सकते हैं जिनमें उन्हें भारहीनता के माहौल की जरूरत होती है।
दो आकांक्षा सिंह और एक ही रैंक 301, UPSC रिजल्ट के बाद सोशल मीडिया पर विवाद
मिडिल ईस्ट तनाव से भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव, रिपोर्ट ने बताई बड़ी वजहें
भारत-न्यूजीलैंड फाइनल: क्या वरुण की जगह कुलदीप से चलेगा टीम इंडिया का दांव?
शोषण के आरोपों के बीच फैक्ट्री कर्मचारियों की हड़ताल
दो साल डिटेंशन में रहने के बाद दीपाली दास को मिली भारतीय नागरिकता
भारत बनाम न्यूजीलैंड: आईसीसी नॉकआउट मुकाबलों में किसका पलड़ा भारी?
नौकरी पाने के डर से महिलाएं इंटरव्यू में छिपाती हैं शादी-मातृत्व की योजना
महिला सशक्तिकरण पर सीएम साय का खास कार्यक्रम, सुनेंगे सफलता की कहानियां
स्टेशन के पास डिरेल हुई मालगाड़ी,कटनी रूट पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित