मीनोपोज के बाद फिट रहने खानपान में करें बदलाव
मीनोपोज ( माहवारी) बंद होने के बाद बढ़ने वाला बैली फैट कई महिलाओं के लिए एक बड़ी समस्या है। ये कोई साधारण फैट नहीं है, जो डाइटिंग और योगा से कम हो जाए! इसलिए इसे जिद्दी फैट भी कहा जाता है। शोधकर्ताओं ने इस वजह को ढूंढ निकाला है कि आखिर मीनोपोज के बाद मोटापा क्यों बढ़ता है? शोधकर्ताओं के मुताबिक, मीनोपोज के बाद एस्ट्रोजन लेवल कम होने से हिप्स और थाईंज का फैट लोअर-एब्डॉमन में चला जाता है लेकिन डाइट में बदलाव करके आप शरीर का एक्सट्रा फैट घटा सकते हैं।
मीनोपोज के बाद के मोटापे को यूं घटाएं
आमतौर पर महिलाएं बेली फैट कम करने के चक्कर में हेल्दी फैट का सेवन करना भी छोड़ देती हैं जो कि गलत है। क्या आप जानते हैं कुछ फैट ऐसे भी होते हैं जिनका सेवन बैली फैट घटाने में मदद कर सकता है। जैसे एवोकैडो, ऑलिव्स, सैल्मन मछली और कोकोनट ऑयल। अध्ययन से पता चला है कि एक महीने के लिए हर सप्ताह तीन बार 28 ग्राम साल्मन मछली खाने से लगभग एक किलो से अधिक वजन घटाया जा सकता है। ऐप्पल साइडर विनेगर (सिरका) आपके मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करता है। सिरका में शामिल एसिडिक एसिड प्रोटीन वजन कम करने में मदद करता है। इसके साथ ही ग्रीन स्मूदी भी आपका बैली फैट घटाने में मददगार हो सकती है।
मोदी सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीति पर सवाल, CRPF के अफसरों पर गंभीर आरोप
रूसी तेल खरीद पर 30 दिन की छूट, भारत बोला- फैसला देशहित में होगा
₹6361 करोड़ की सैलरी! सुंदर पिचाई की कमाई ने सबको चौंकाया
कोर्ट से राहत: सौरभ शर्मा समेत साथियों के जेल से बाहर आने की राह आसान
योजना का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
‘UP में जल्द होगी कथा’, बृजेश पाठक ने बागेश्वर धाम में धीरेंद्र शास्त्री से की चर्चा
सबूतों की कमी पड़ी भारी, हाई कोर्ट ने हत्या के तीन आरोपियों को किया बरी
फाइनल मुकाबला: भारत की रन मशीन बनाम न्यूजीलैंड की धारदार गेंदबाजी
फाइनल से पहले सैंटनर का बयान: क्या भारत को मानसिक दबाव में लाने की कोशिश?