छत्तीसगढ़। में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपने पत्ते खोलते हुए राज्यसभा के लिए फूलो देवी नेताम को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। पार्टी ने उनकी सक्रियता और संगठन में लंबे समय से निभाई जा रही भूमिका को देखते हुए एक बार फिर उन्हें उच्च सदन में भेजने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की जिन दो सीटों पर चुनाव होना है, उनमें फूलो देवी नेताम का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। उनका मौजूदा कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म होने वाला है। ऐसे में कांग्रेस ने निरंतरता बनाए रखते हुए उन्हें दोबारा उम्मीदवार बनाया है।

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि नजदीक होने के कारण पार्टी पर जल्द निर्णय लेने का दबाव था। विधानसभा सचिवालय के अनुसार नामांकन पत्र सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक जमा किए जा सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने संभावित नामों पर मंथन कर अंतिम फैसला लिया।

सूत्रों के अनुसार उम्मीदवार तय करने से पहले पार्टी में कई वरिष्ठ नेताओं के नामों पर चर्चा हुई। इनमें पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव मौजूदा सांसद फूलो देवी नेताम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नाम प्रमुख रूप से शामिल थे। अंततः संगठनात्मक संतुलन और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए फूलो देवी नेताम के नाम पर सहमति बनी।

फूलो देवी नेताम वर्तमान में छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष हैं और कांग्रेस कार्य समिति की सदस्य भी रह चुकी हैं। वे बस्तर क्षेत्र से आने वाली एक वरिष्ठ आदिवासी महिला नेता के रूप में जानी जाती हैं और सामाजिक व जनहित के मुद्दों पर लगातार मुखर रही हैं। यदि विधानसभा में वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर नजर डालें तो राज्यसभा चुनाव का समीकरण लगभग स्पष्ट माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में भाजपा के पास 54 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 35 सीटें हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि राज्यसभा की दो रिक्त सीटों में से एक भाजपा और एक कांग्रेस के खाते में जा सकती है।