चुनाव अधिकारियों के ट्रांसफर को लेकर ECI ने पश्चिम बंगाल सरकार को लिखा पत्र
नई दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को मतदाता सूची पर्यवेक्षकों के स्थानांतरण के संबंध में पश्चिम बंगाल सरकार को पत्र लिखा, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में शामिल किसी भी अधिकारी का पूर्व अनुमोदन के बिना स्थानांतरण नहीं किया जाएगा.
पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को संबोधित एक पत्र में चुनाव आयोग के सचिव एसके मिश्रा ने लिखा, 'मुझे यह बताने का निर्देश दिया गया है कि आयोग ने 27 अक्टूबर, 2025 के अपने पत्र के माध्यम से पश्चिम बंगाल राज्य में एसआईआर की घोषणा की है.
पत्र के पैराग्राफ 4 में अन्य बातों के साथ-साथ यह भी प्रावधान है कि एसआईआर अवधि के दौरान, मुख्य सचिवों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि एसआईआर प्रक्रिया में शामिल किसी भी अधिकारी का आयोग से पूर्व अनुमोदन के बिना तबादला न किया जाए.'
पत्र में लिखा, 'इसके अलावा, मुझे यह भी बताना है कि आयोग ने 28 नवंबर, 2025 के अपने पत्र के जरिए 5 डिविजनल कमिश्नरों के साथ 12 इलेक्टोरल रोल ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं. ये अधिकारी एसआईआर के मकसद से चुनाव आयोग में डीम्ड डेप्युटेशन पर हैं.'
आयोग के संज्ञान में आया है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने क्रमशः 1 दिसंबर, 2025, 20 जनवरी और 21 जनवरी की अधिसूचनाओं के माध्यम से अश्विनी कुमार यादव आईएएस, डब्ल्यूबी: 2001 (उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर के लिए मतदाता सूची पर्यवेक्षक), रणधीर कुमार, आईएएस, डब्ल्यूबी: 2006 (उत्तर 24 परगना और कोलकाता उत्तर के लिए मतदाता सूची पर्यवेक्षक) और स्मिता पांडे, आईएएस, डब्ल्यूबी: 2005 (पश्चिम बर्धमान, पूर्बा बर्धमान और बीरभूम के लिए मतदाता सूची पर्यवेक्षक) के विभागीय स्थानांतरण/ पोस्टिंग का आदेश दिया है.
हालांकि, इन अधिकारियों के ट्रांसफर का आदेश चुनाव आयोग की पहले से मंजूरी के बिना दिया गया है, जो आयोग के 27 अक्टूबर, 2025 के निर्देशों का उल्लंघन है, जैसा कि ऊपर बताया गया है. इसमें आगे कहा गया, 'ऊपर बताई गई बातों को देखते हुए, मुझे यह कहने का निर्देश दिया गया है कि ट्रांसफर ऑर्डर तुरंत कैंसल कर दिए जाएं.
साथ ही आपसे अनुरोध है कि भविष्य में ऐसे ऑर्डर जारी करने से पहले कमीशन से पहले मंजूरी लें. इस बारे में एक कंप्लायंस 28 जनवरी को दोपहर 3 बजे तक कमीशन को भेजा जा सकता है.' यह बताना जरूरी है कि वोटर लिस्ट सुधार करने के मकसद से एसआईआर अभी पश्चिम बंगाल के साथ-साथ आठ दूसरे राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहा है.
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