केरल में दलित समुदाय की लड़की से बलात्कार
तिरुवनंतपुरम । केरल में दलित समुदाय की एक लड़की से विभिन्न स्थानों पर बलात्कार करने के आरोप में नौ और लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पथानामथिट्टा जिले के दो थानों में पांच एफआईआर दर्ज करने के बाद शुक्रवार को छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारियां 18 साल की लड़की के बयान के आधार पर की गईं। उसने आरोप लगाया है कि 16 साल की उम्र से उससे कई बार बलात्कार किया गया। पीड़ित लड़की एथलीट है। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस को ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि लड़की के साथ उसके कोच, साथी एथलीट और सहपाठियों सहित कई लोगों द्वारा बलात्कार किया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि लड़की के बयान के अनुसार, उसने संदिग्धों से बातचीत करने के लिए अपने पिता के मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। उन्होंने बताया कि फोन के विवरण और लड़की के पास मौजूद डायरी से मिली जानकारी की पुष्टि करके 40 लोगों की पहचान की गई है। उन्होंने बताया कि इस मामले में 60 से ज़्यादा लोगों के शामिल होने का संदेह है और पथानामथिट्टा के विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि ये घटनाएं उस समय हुईं जब लड़की नाबालिग थी, इसलिए आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी लगाई जाएंगी। पथानामथिट्टा बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने कहा कि हो सकता है कि पथानामथिट्टा जिले के बाहर के व्यक्ति भी इस मामले में शामिल रहे हों। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष के अनुसार, लड़की 13 साल की उम्र से ही बलात्कार की शिकार हुई। उन्होंने एक समाचार चैनल को बताया कि लड़की को गहन परामर्श के लिए मनोवैज्ञानिक के पास भेजा गया। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने यह भी बताया कि लड़की के पिता के फोन में कई संदिग्ध आरोपियों के फोन नंबर पाए गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बलात्कार की घटना के संबंध में कुल पांच प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि मामले में और भी प्राथमिकी दर्ज की जाएंगी तथा और गिरफ्तारियां होंगी।
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