कनाडा के त्वरित वीजा कार्यक्रम खत्म करने से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं भारतीय
ओटावा । कनाडा ने लोकप्रिय त्वरित अध्ययन वीजा कार्यक्रम-एसडीएस को खत्म कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर भारतीय छात्रों पर पड़ने की संभावना है। 2018 में शुरू किए गए स्टूडेंट डायरेक्ट स्ट्रीम (एसडीएस) के तहत आवेदन करने वाले छात्रों को वीजा जारी करने की प्रक्रिया में काफी कम समय लगता था। कनाडा द्वारा शुक्रवार को इस योजना को बंद कर दिया गया है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सितंबर में एक्स पर लिखा था, हम इस साल 35 प्रतिशत कम अंतरराष्ट्रीय छात्र परमिट दे रहे हैं और अगले साल यह संख्या 10 प्रतिशत और कम हो जाएगी। उन्होंने कहा था, आव्रजन हमारी अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद है, लेकिन जब बुरे लोग प्रणाली का दुरुपयोग करते हैं और छात्रों का फायदा उठाते हैं, तो हम उन पर कार्रवाई करते हैं। कनाडा सरकार ने कहा है कि वह अस्थायी निवासियों की संख्या कम करने पर विचार कर रही है। यह कदम भारत और कनाडा के बीच जारी कूटनीतिक विवाद के बीच उठाया गया है। यहां भारतीय उच्चायोग ने कहा कि कनाडा में विदेशी छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत देश भारत है और यहां अनुमानित रूप से 4,27,000 भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास: पक्की छत से प्राणसाय के परिवार को मिली सुकून की जिन्दगी
पुलिस सैलरी पैकेज योजना: कठिन समय में पुलिस परिवारों का सशक्त सहारा
विद्युत आयोग ने स्मार्ट मीटर इंस्टालेशन की समय सीमा बढ़ाई
डॉ. शिबानी के सपनों को मिली प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना से स्वावलंबन की उड़ान
उज्बेकिस्तान के विद्यार्थी कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए छत्तीसगढ़ आएंगे
पं. कुंजीलाल दुबे का विधानसभा अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल भुलाया नहीं जा सकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
अस्पताल आग मामले में कार्रवाई, चार अफसर निलंबित; बीजेडी ने उठाया सवाल
पानी की बूंद-बूंद बचाने के लिए सनातन संस्कृति की पवित्र धारा का अभियान है जल गंगा संवर्धन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सिलिंडर ब्लैक मार्केट: भोपाल में हो रही मनमानी
साइबर फ्रॉड रैकेट की साजिश हुई नाकाम, श्रीनगर पुलिस ने सात को पकड़ा