'डूम्सडे प्लेन' की उड़ान और सैन्य विमानों की वापसी: क्या अमेरिका ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में?
इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे मध्य पूर्व को युद्ध के कगार पर खड़ा कर दिया है. इजराइल के हालिया हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई कर करारा जवाब दिया है. जिसके बाद अमेरिका ने अपनी नौसेना और वायुसेना की ताकत ईरान के आसपास तैनात करनी शुरू कर दी है. भूमध्य सागर लेकर फारस की खाड़ी तक अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूगी बढ़ा दी है. यह तैनाती ईरान के लिए चिंता का सबब बन सकती है.
अमेरिका ने भूमध्य सागर में USS थॉमस हुडनर और फारस की खाड़ी में USS प्रिंसटन जैसे युद्धपोतों के साथ-साथ F-22 रैप्टर और B-2 बॉम्बर जैसे घातक विमान तैनात किए हैं. जो कई फिट गहरी टनल्स और न्यूक्लियर फैसिलिटीज को भी निशाना बना सकते हैं. जिससे साफ है कि अमेरिका ईरान को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है. फिलहाल अमेरिका की इजराइल को सैन्य सहायता एक सीमित सीमा तक ही है, लेकिन अगर ईरान ने कोई बड़ा हमला किया तो अमेरिका सीधे युद्ध में उतर सकता है.
कूटनीति को प्राथमिकता देंगे ट्रंप- वेंस
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि ट्रंप कूटनीति को प्राथमिकता देंगे, लेकिन अगर ईरान नहीं मानता है तो सैन्य विकल्प खुला है. कुछ जानकारों का मानना है कि अमेरिका यूक्रेन जैसी रणनीति अपना सकता है, जिसमें वह बिना सीधे युद्ध में शामिल हुए इजराइल को हथियारों और खुफिया सहायता देगा. हालांकि, अमेरिका की सैन्य तैनाती से साफ है कि वह ईरान को कड़ा संदेश दे रहा है और अगर ईरान ने कोई बड़ी गलती की तो स्थिति एक बड़े युद्ध तक पहुंच सकती है. फिलहाल स्थिति बेहद नाजुक है,और दुनिया की नजरें इस संघर्ष पर टिकी हैं.
ईरान को किसका समर्थन?
ईरान को खुले तौर पर किसी देश का समर्थक नहीं मिला है, लेकिन चीन और रूस इस युद्ध में ईरान की बहुत थोड़ी सहायता करते नजर आ रहे हैं. वहीं मध्य पूर्व के अरब देशों ने इजराइल के ईरान पर हमलों की निंदा की है. तुर्की के राष्ट्रपति ने तो यहां तक कह दिया कि इजराइल मध्य पूर्व की शांति में रुकावट है.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (13 मार्च 2026)
एलपीजी संकट की आशंका से घबराकर लोगों ने बढ़ाई सिलेंडर बुकिंग: सरकार
सरसों की खरीदी के लिये भावांतर भुगतान योजना को मिली केन्द्र से स्वीकृति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राज्यपाल पटेल बोले– जनजातीय अंचल की तरक्की में खेत और किसान की सेहत अहम
बेहतर समन्वय से केन्द्र सरकार के मंत्रालयों से मिल रहा है पूरा सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
LPG संकट का असर, सागर गैरें ने गैस छोड़ अपनाया इंडक्शन
राज्यसभा चुनाव से पहले एमपी की सियासत गरम, कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग की चिंता
चुनाव खर्च में बीजेपी सबसे आगे, 146.71 करोड़ खर्च कर 89 सीटों पर मिली जीत
‘घबराने की जरूरत नहीं’, लोकसभा में भरोसा दिलाया हरदीप पुरी ने