चीन की कंपनियों का भारत पर भरोसा: ओप्पो और रियलमी ने 'मेड इन इंडिया' स्मार्टफोन निर्यात से कमाए ₹386 करोड़, भविष्य उज्ज्वल
भारत में बने स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट अब विदेशों के मार्केट में अपनी जगह बना रहे हैं. चीनी कंपनियों द्वारा बनाए गए ये प्रोडक्ट पश्चिम एशिया, अफ्रीका और अमेरिका में भेजे जा रहे हैं. पहले ये कंपनियां केवल घरेलू बाजार पर फोकस कर रही थीं, लेकिन अब विदेशी मार्केट पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं. रियलमी और ओप्पो जैसी कंपनियों ने भारत से विदेशों में एक्सपोर्ट करके मुनाफा कमाया है. इसे देखते हुए कई अन्य कंपनियां भी भारत में बने अपने प्रोडक्ट को निर्यात करने की योजना बना रही हैं.
ओप्पो और रियलमी ने की कमाई
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2023 -24 में ओप्पो मोबाइल्स इंडिया ने पहली बार एक्सपोर्ट से 272 करोड़ रुपये की विदेशी कमाई की है, जबकि रियलमी इंडिया को 114 करोड़ रुपये की आय हुई है. दोनों कंपनियों ने यह जानकारी अपने रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज को दी है. यह पहली बार है जब इन कंपनियों ने भारत से सीधे एक्सपोर्ट पर इतना फोकस किया है.
हाइसेंस भी करेगा भारत से निर्यात
टीवी और होम अप्लायंसेज के बड़े ब्रांड हाइसेंस ग्रुप ने भी भारत से एक्सपोर्ट की योजना बनाई है. कंपनी की योजना अगले साल से पश्चिम एशिया और अफ्रीका में भारत में बने प्रोडक्ट भेजने की है. इसके लिए हाइसेंस की पार्टनर कंपनी ईपैक ड्यूरबल श्री सिटी में 100 करोड़ रुपये का प्लांट बना रही है.
सरकार के दबाव में फैसला
सरकार ने अनौपचारिक रूप से चीनी कंपनियों को स्थानीय साझेदारों के साथ मैन्युफैक्चरिंग करने, कंपनी के मैनेजमेंट में भारतीयों की नियुक्ति करने और भारत से एक्सपोर्ट बढ़ाने को कहा है. इसके चलते चीनी कंपनियों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है और भारत को एक्सपोर्ट हब के रूप में तैयार करना शुरू कर दिया है.
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