NHM कर्मचारियों के आंदोलन से मरीजों को झेलनी पड़ रही परेशानी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अधिकारियों और कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग ने काम पर नहीं लौटने वाले 25 अधिकारी-कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी है। बुधवार देर शाम इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया।
आदेश का उल्लंघन करने पर कार्रवाई
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग के सचिव ने 29 अगस्त को सभी हड़ताली कर्मचारियों को काम पर लौटने का आदेश दिया था। लेकिन आदेश की अवहेलना करने पर 25 कर्मचारियों के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई की गई।
18 अगस्त से चल रही हड़ताल
NHM कर्मचारी 18 अगस्त से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इससे पहले 13 अगस्त को हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में 10 मांगें रखी गई थीं, जिनमें से 5 पर सहमति बनी और आदेश भी जारी किए गए। हालांकि शेष मांगों पर शासन स्तर पर विचार जारी है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
संविलियन और स्थायीकरण, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, ग्रेड पे निर्धारण, लंबित 27% वेतन वृद्धि, CR सिस्टम में पारदर्शिता ,रेगुलर भर्ती में आरक्षण, अनुकंपा नियुक्ति , मेडिकल और अन्य लीव सुविधा, ट्रांसफर पॉलिसी और न्यूनतम 10 लाख तक कैश-लेस मेडिकल इंश्योरेंस।
सरकार किन मांगों पर तैयार
CR सिस्टम में पारदर्शिता, मेडिकल और अन्य लीव की सुविधा, ट्रांसफर पॉलिसी (कमेटी बनाने का निर्णय), न्यूनतम 10 लाख तक कैश-लेस मेडिकल इंश्योरेंस और 27% वेतन वृद्धि के स्थान पर सिर्फ 5% वृद्धि।
स्वास्थ्य सेवाएं बाधित
हड़ताल और सरकार-कर्मचारियों के बीच गतिरोध से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। समाधान के लिए अब तक कोई निर्णायक परिणाम नहीं निकला है। बहरहाल, सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि लंबित मांगों पर बातचीत से कब तक स्थिति सामान्य हो पाती है।
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