धीरेन्द्र शास्त्री की ‘माला-भाला’ नसीहत पर सियासी बवाल, कांग्रेस ने FIR की मांग उठाई
भोपाल: लंबी चुप्पी के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री सुनाई दिए. अर्से बाद एक बार फिर उन्होंने एक बयान दिया है. बागेश्वर धाम में भक्तों को संबोधित करते हुए धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि हिंदुत्व को बचाना है, तो माला और भाला रखना पड़ेगा. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री बागेश्वर धाम में शिवरात्रि के मौके पर 300 बेटियों का विवाह कराने जा रहे हैं. कांग्रेस ने धीरेन्द्र शास्त्री के इस बयान पर कहा है कि सौहार्द बिगाड़ने के ऐसे बयान पर धीरेन्द्र शास्त्री पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए. कांग्रेस के मी़डिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा कि धीरेन्द्र शास्त्री हमेशा ही सद्भाव बिगाड़ने वाले बयान देते हैं.
हिंदुत्व को बचाने अब माला भाला, ऐसा क्यों बोले धीरेन्द्र शास्त्र
बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र सास्त्री के बयान हमेशा ही सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन इस बार लंबे समय से वे चुप्पी साधे थे. चुप्पी टूटी तो फिर एक बयान के साथ. धीरेन्द्र शास्त्री बागेश्वर धाम में कथा के दौरान अपने भक्तों को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि सीता-राम सीता-राम करने से धर्म नहीं बचेगा. हिंदुत्व को बचाना है तो मठ के बाहर निकलना पड़ेगा. धीरेन्द्र शास्त्री ने यहां तक कहा कि हिंदुत्व को बचाने माला और भाला रखना पड़ेगा.
कांग्रेस की सलाह धीरेन्द्र भाजपा कार्यालय में घंटा दो घंटा बैठें
कांग्रेस के मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री के बयान को लेकर कहा कि शास्त्री जी को एक काम करना चाहिए कि इनको विधिवत एक दो घंटे का समय निकालकर बीजेपी के दफ्तर में बैठना चाहिए. उन्होंने कहा कि ये बीजेपी के कार्यकर्ता हैं और हमेशा विभाजनकारी बात करते हैं. इन पर तो मुकदमा दर्ज होना चाहिए, ये सौहार्द को बिगाड़ने वाले लोग हैं."
महाशिवरात्रि पर करेंगे 300 कन्याओं का सामूहिक विवाह
बागेश्वर धाम में पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री महाशिवरात्रि के मौके पर 300 बेटियों का विवाह करने जा रहे हैं. इनमें से कई दिव्यांग भी हैं और कई आर्थिक रुप से कमजोर परिवारों से हैं. जानकारी के मुताबिक जो सूची जारी की गई है. उसमें इन 300 बेटियों को पूरे देश के 10 राज्यों से चुना गया है. इसमें उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और बिहार तक की बेटियां हैं. पड़ोसी देश नेपाल की एक कन्या का ब्याह भी इसी मंच पर होगा.
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