पत्ता साफ लालजी टंडन के बेटे का
लखनऊ। भाजपा ने अपने पुराने कार्यकर्ता ओपी श्रीवास्तव को पूर्वी विधानसभा के उप चुनाव में उम्मीदवार बनाया है। पूर्व मंत्री और पूर्वी विधानसभा सीट से विधायक रहे आशुतोष टंडन के निधन से यह सीट रिक्त हुई थी।
माना जा रहा था कि दिवंगत आशुतोष टंडन के भाई अमित टंडन को टिकट मिल सकता है और अमित ने अपनी सक्रियता भी बढ़ा दी थी। वैसे तो कई अन्य दावेदार थे, जिसमे ओपी श्रीवास्तव का नाम भी था।
पूर्व पीएम अटल वाजपेयी के थे खास
लखनऊ की राजनीति में लालजी टंडन और उनके परिवार की खास पहचान थी और लालजी टंडन की पहचान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के खास लोगों में होती थी। टंडन बिहार के साथ ही मध्य प्रदेश के राज्यपाल भी रहे थे, जिनका कुछ साल पहले निधन हो गया था।
कायस्थ समाज को लोकसभा चुनाव में साधने के लिए भाजपा ने यह कार्ड खेला है। अतीत को देखा जाए तो लंबे समय से कायस्थ समाज के खाते में विधानसभा की एक सीट जाती थी और लंबे समय तक मध्य और बाद में पश्चिम सीट से सुरेश श्रीवास्तव ने प्रतिनिधित्व किया था। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पश्चिम सीट से अंजनी श्रीवास्तव को मैदान में उतारा था लेकिन वह हार गए थे।
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य के साथ ही भाजपा की आजीवन निधि सहयोग विभाग के संयोजक रहे ओपी श्रीवास्तव भाजपा अवध क्षेत्र के कोषाध्यक्ष भी रहे थे।
भाजपा ही जीत रही है सीट पर
महोना और पूर्वी (पूर्व परिसीमन के हिसाब से) विधानसभा के इलाकों को शामिल कर पूर्वी विधानसभा सीट बनाई गई थी और 2012 में भाजपा ने कलराज मिश्र को मैदान में उतारा था, 68,726 मत मिले थे, जबकि सपा की जूही सिंह को 47,908 मत, कांग्रेस के रमेश श्रीवास्तव को 35,227 मत, बसपा के कृष्ण कुमार त्रिपाठी को 28040 मत मिले थे।
इसके बाद कलराज मिश्र के देवरिया से सांसद निर्वाचित होने से पूर्वी विधानसभा सीट पर 2014 के उपचुनाव में पूर्व मंत्री लालजी टंडन के पुत्र आशुतोष टंडन 'गोपाल' को भाजपा ने मैदान में उतारा था। राजनीति का फोकस पश्चिम विधानसभा सीट पर होने के बाद भी आशुतोष टंडन ने 71,640 मत पाकर सपा उम्मीदवार जूही सिंह को हराया था।
जूही को मिले थे 45 हजार से अधिक मत
जूही को 45,181 मत मिले थे, जबकि कांग्रेस के रमेश श्रीवास्तव 9,757 मत पाकर फिर से तीसरे स्थान पर रहे थे। इसके बाद भाजपा उम्मीदवार आशुतोष टंडन ने 2022 के आम विधानसभा का चुनाव जीता था।
आशुतोष टंडन को 1,51,994 मत मिले, जबकि सपा उम्मीदवार अनुराग भदौरिया 84,197 मत पाए थे। पिछले साल उनका निधन होने से यह सीट खाली हो गई थी।
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